disciple of Sudhanshuji Maharaj

WELCOME

WELCOME TO THIS BLOG

PLEASE VISIT UPTO END OF THIS BLOG

please visit this group

Google Groups
Subscribe to Vishwa Jagriti mission
Email:
Visit this group

AdSense code

Blog Archive

About Me

My photo
parampujy Guruvar Sudhanshuji Maharaj ka Shishay

Friday, June 21, 2013

Fwd: [AMRIT VANI ] no.1619 आज का जीवन सूत्र 21-6-13



---------- Forwarded message ----------
From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: 2013/6/21
Subject: [AMRIT VANI ] no.1619 आज का जीवन सूत्र 21-6-13
To: mggarga@gmail.com


हरिओम 
To SEE MORE POSTINGS VISIT BLOGS 
no.1619 आज का जीवन सूत्र 21-6-13
ज्ञान की प्यास क़ा नाम जिज्ञासा है !
भगवान की प्यास क़ा नाम भक्ति है 




--
Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to AMRIT VANI at 6/21/2013 10:01:00 AM

Thursday, June 20, 2013

Fwd: [ADHYATMIK] बेटी के सुखी जीवन के लिए



---------- Forwarded message ----------
From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: 2013/6/19
Subject: [ADHYATMIK] बेटी के सुखी जीवन के लिए
To: mggarga@gmail.com


बेटी के सुखी जीवन के लिए
* ससुराल पक्ष के लोग और उसके पति को उनकी आदतें,
स्वभाव , रुचियाँ समझने और उनके साथ तालमैल मिलाने

 का अवसर है !
* हर बात में बेटी का पक्ष न लें ! उसे त्याग ,समर्पण ,सहयोग ,
एवं प्रत्येक के साथ मधुर व्यवहार की शिक्षा दें !
* ससुराल वाले बहू को बेटी मानें यह बहुत अच्छा हे लेकिन
बहू ससुराल में स्वंय को बेटी मानने की भूल कभी न करे !
*क्योकि बेटी अपने माता पिता के घर में माता-पिता और भाइ -बहन इत्यादि सेअपेक्षा और अपने कार्य के प्रति उपेक्षा रखे तो चलता है लकिन ससुराल मेंयही अपेक्षा और उपेक्षा भारी कष्ट का कारण बनती है !
* अगर किसी से कोई कठोर बात कहने की आवश्यकता पडे यो उसे मधुर शब्दों में ही कहना चाहिए !
* पति के घर में सबकुछ पिता के घर जैसा कभी नही होता !
इसलिए बेटी को ससुराल में ससुराल की परिस्थितियां ,वहां क्र अभाव -
प्रभाव ,लोकरीति,व्यवहार ,रीति तथा कुल परम्पराओं के अनुसार जीवन जीने की प्रेरणा दें !
*अगर कोई अच्छी बात अच्छी आदत को बेटी वहां के लोगों में
डालना चाहती हे तो बडी सावधानी ,धैर्य एवं धीरे धीरे और उसका स्वयं आचरण
करके प्रारंभ करे अन्यथा वहां के लोगो का अहंइसे सहन नहीं कर पायेगा!
*पति को उसके माता पिता ,भाई बहन के प्रति दायित्वों से विमुख करने का प्रयास कभी न करें इससे मनों में कटुता आती है !
*स्त्री पर तीन कुलों के निर्माण का दायित्व होता है उसे इस गरिमा को कभी नहीं भूलना चाहिए !
*इस महान कार्य की पूर्ति वह प्रेम ,सहनशीलता सदव्यवहार ,सदाचरण एवं त्यागपूर्ण जीवन से ही कर सकती हैं !
धर्मदूत जुलाइ 2010 से !


--
Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to ADHYATMIK at 6/19/2013 07:59:00 PM

Fwd: [R A J G A R G] तुम्हारी महिमा को कोई नहीं



---------- Forwarded message ----------
From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: 2013/6/19
Subject: [R A J G A R G] तुम्हारी महिमा को कोई नहीं
To: mggarga@gmail.com



तुम्हारी महिमा को कोई नहीं समझ सकता ,अपनी महानता को स्वयं समझो ! आसमान में पगडडियां नहीं होती ! अपना रास्ता स्वय ढूंढना पडता हे ! जूझने के लिए स्वयं प्रयास करना पडेगा !बहते हुए आंसुओ को अपने हाथों से पोंछना ! अच्छे के लिए खुद ही अपनी पीठ थपथपाना !दूसरे से प्रेरणा ले सकते हें !मगर इस ताक में मत रहो कि कोई दूसरा आकर आपका सुधार कर देगा ! अपने दोश देखें , मगर हीन भावना न आने दें! आप परमात्मा के पुत्र हें तो परमात्मा के महान गुंण आपमें हें ,अपनी दिव्यता को याद रखो ! 

--
Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to R A J G A R G at 6/19/2013 08:14:00 PM

Labels

express electronics

Deal of the Week

kmart add

kmart ad