चिंता को चबा लेना नहीं तो चिंता तुम को चबा जायेगी !
अपने अन्दर बुरे विचार आने मत दो ,बाद लगा लो जैसे किसान अपने खेत के चारों और लगा लेता हे की जानवर न आ पायें ,अगर फिर भी बुरे विचार आते हैं तो डंडा उठा लो ,अगर एक दफा घुस गए तो फिर निकालना मुशकिल होगा ,पहले ही निकाल बाहर कर दो !
परम पूज्य सुधान्शुजी महाराज ने २४-०४-०९ को उलहास नगर में भगतों को समझाया