disciple of Sudhanshuji Maharaj

WELCOME

WELCOME TO THIS BLOG

PLEASE VISIT UPTO END OF THIS BLOG

please visit this group

Google Groups
Subscribe to Vishwa Jagriti mission
Email:
Visit this group

AdSense code

Blog Archive

About Me

My photo
parampujy Guruvar Sudhanshuji Maharaj ka Shishay

Monday, January 31, 2011

आज से जिन्दगी को


आज से जिन्दगी को व्यवस्थित करो, अनुशासित करो, योजनाबद्ध तरीके से चलो


परम पूज्य सुधांशुजी महाराज


From today onwards, put your life in order in an organized, planned way.

Translated by Humble Devotee

Praveen Verma

Saturday, January 29, 2011

जीवन की दिशा बदल


जो अपने जीवन की दिशा बदल ले उसकी दशा स्वंय सुधर जायेगी।


परम पूज्य सुधांशुजी महाराज


The person who is flexible enough to change the direction of his or her life, the condition of that person's life will improve itself.



Translated by Humble Devotee
Praveen Verma

Friday, January 28, 2011

jigyasa aur samadhan: गुरुदेव ! जीवन में सात्विक भाव जगाने के लिए क्या क...

jigyasa aur samadhan: गुरुदेव ! जीवन में सात्विक भाव जगाने के लिए क्या क...: "जिज्ञासु : गुरुदेव ! जीवन में सात्विक भाव जगाने के लिए क्या करना चाहिए? पुज्य गुरुदेव !तरह -तरह के रंगों का अपना महत्व हे ,लेकिन सात..."

शुभ का स्वागत करो

शुभ का स्वागत करो, अशुभ का नहीं । अशुभ है गलत विचार, नकारात्मक विचार्।

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Welcome only the good and auspicious into your life; not inauspicious and evil. Inauspicious is wrong and negative thoughts.

Translated by Humble Devotee

Praveen Verma

Thursday, January 27, 2011

भाग्य आपको परिस्थितियॉ देता





---------- Forwarded message ----------
From: vjm


भाग्य आपको परिस्थितियॉ देता है, पर पुरुषार्थ उनसे निकलने की हिम्मत देता है।


परम पूज्य सुधांशुजी महाराज


Destiny may present you with harsh circumstances but with hard work and determination, the path to overcoming these circumstances is provided.


Translated by Humble Devotee
Praveen Verma

L


Monday, January 24, 2011

दुनिया की आँखों में धूल

---------- Forwarded message ----------
From: Rashmi



दुनिया की आँखों में धूल झोंकर यदि बच भी गए तो सब कर्मो को देखने वाले नियंता से बचकर कहाँ जाओगे?


--
Rashmi द्वारा VISHWAJAGRITI MISSION ( Bhilai Mandal) के लिए 11/11/2010 10:03:00 PM को पोस्ट किया गया

किसी महान पुरुष के वचन

---------- Forwarded message ----------
From: Rashmi



किसी महान पुरुष के वचन से अगर आप की आत्मा को तृप्ति मिली हो तो यह समझ लेना की अब आत्मा को जगाने का अवसर आ गया ।

--
Rashmi द्वारा VISHWAJAGRITI MISSION ( Bhilai Mandal) के लिए 11/14/2010 01:49:00 PM को पोस्ट किया गया

हर दिन नया उपहार लेकर आता है




हर दिन नया उपहार लेकर आता है, द्वार पर ठहरता है और प्रतीक्षा करने के बाद चला जाता है ! अगर उसके स्वागत के लिए तुम तैयार हो तो वह उपहार प्रदान करता है, नहीं तो बहूमूल्य उपहार वापिस ले कर चला जाता है !

परम पूज्य सु्धांशुजी महाराज

Each and every day of our life is a precious gift that we receive. This gift arrives our door and waits for us to take advantage of it. If we fail to take advantage of this opportunity, this precious gift will be lost to us. On this day and every day, we should be THANKFUL and welcome this gift into our hearts with great care.

Happy Thanksgiving !


Translated by Humble Devotee
Praveen Verma






जिसके पास धैर्य है





जिसके पास धैर्य है वह जो कुछ इच्छा करता है उसे प्राप्त कर सकता है। धैर्य कडवा होता है पर उसका फ़ल मीठा होता है। संकट के समय धैर्य धारण करना ही मानो आधी लड़ाई जीत लेना है।

परम पूज्य सु्धांशुजी महाराज

The person who endures through hard times aquires that which he desires. Endurance through hard times is bitter and harsh but the results are sweet. Being patient during hard times is winning half of the battle.


Translated by Humble Devotee
Praveen Verma





Wednesday, January 19, 2011

: अर्थ के अर्जन में दोश आते हें ऐसे में क्या लरे !

jigyasa aur samadhan: अर्थ के अर्जन में दोश आते हें ऐसे में क्या लरे !: "जिज्ञासु : गुरुदेव ! धर्म के पथ पर चलने का सदेश सभी देते हें ,लेकिन जीवन के लिए अर्थ भी जरूरी हे ! अर्थ के अर्जन में दोश आते हें ऐसे में क..."

Tuesday, January 18, 2011

जो बीत गया सो बीत गया

AMRIT VANI Good thoughts by Param Pujay SUDHANSHUJI Maharaj: जो बीत गया सो बीत गया: "जो बीत गया सो बीत गया , जो होगा होवनहार ! वर्तमान को सीचने से होगा तेरा बडा पार !!"

Saturday, January 8, 2011

जब आपके पास सही विचार हैं

----- Original Message -----
From: vjm

जब आपके पास सही विचार हैं, तो सही शक्ति है और सही शक्ति है तो पूर्ण सफ़लता है। जिनके पास बैठने से विचारों की महान पावर मिलती हो उनके पास बैठें। विचारों से मिलता है, दृष्टिकोण । जैसा दृष्टिकोण होता है वैसी उसकी उपलब्धियाँ होती हैं ।


परम पूज्य सु्धांशुजी महाराज


When you have right and true thoughts then you have power that mirrors those thoughts. When you have power that is good and right, then you will have complete success. Furthermore, make every effort to be in the presence of individuals from whom you receive the great power of true thoughts. From those true and good thoughts, your point of view will develop and your accomplishments will follow.

Translated by Humble Devotee

Praveen Verma



जीवन की वाटिका

----- Original Message -----
From: vjm
Subject: अमृत वचन

जीवन की वाटिका पुरुषार्थ के सुमनों से सजा कर सदा मुसकराओ। दूसरों के दरवाजे खटखटाने की कोशिश मत करो। खुद परिश्रम करो, चेहरे पर मुसकराहट लेकर जीओ, तुम्हारा खजाना तुम्हारे भीतर है। अपने अन्दर वह चमक पैदा करो जो एक हीरे में होती है। दुनियाँ में तो पत्थर बहुत होते हैं , मगर हीरा बन कर चमकने वाला कोई – कोई महापुरुष होता है।


परम पूज्य सु्धांशुजी महाराज


Decorate the garden of your life with the flowers of hard work. Do not try to delegate your work to others. Work hard, live life with a smile, and find the treasure within. There are lot of stones in the world but great person is rare; they shine like a diamond. Work hard to create that diamond-like shine.



Translated by Humble Devotee
Praveen Verma


: नववर्ष के स्वागतार्थ सदगुरु की सदप्रेरणा

----- Original Message -----
From: vjm

नववर्ष में प्रवेश करने का अर्थ है, पुराने से मुक्ति पाना, पुराने सम्भालकर, समेटकर रखे हुए दर्द, दिल को जलाने वाली अर्थहीन ईर्ष्याएं, अकारण जबरदस्ती ओढ़ी हुई अर्थहीन उदासियाँ, व्यर्थ की चिंताएं और जो भी स्टोर किया हुआ दुर्गणों का जखीरा है – उसे नववर्ष के आगमन के साथ अलविदा कह दीजिए। करुणा प्रेम का रस, खिलने दीजिए कमल के सुमन, उठने दीजिए सूर्य जैसा उत्साह और चाँद जैसी ताजगी, यही है नववर्ष पर नूतन आशीष और सम्बुद्द सदगुरु की सदप्रेरणा ।

परम पूज्य सु्धांशुजी महाराज



With the arrival of the new year, we should say good-bye to our existing vices. Thus get rid of the pain that you are holding on to, the meaningless jealousies that burn your heart, any pointless sadness or desolation, any futile or useless worries. Instead, in the new year, let empathy and love blossom like the lotus flower. Let courage rise like the sun. This is the blessing for the new year for everyone, fueled by a spiritual master.



Translated by Humble Devotee
Praveen Verma



"वह इंसान महान है , जो अपने नियम और मर्यादा

...

[http://ananddhamm.blogspot.com/2011/01/blog-post_9891.html?spref=bl]
ANAND DHAMM Established by Param Pujay SUDHANSHUJI Maharaj: अपने नियम: "वह इंसान महान है , जो अपने नियम और मर्यादा में हमेशा खरा उतरता है ! जिसके सोने का अपना नियम , जागनेका अपना नियम ,भोजन का अपना नियम ,काम कर..."

--
Posted By Madan Gopal Garga to Anand Dham Mumbai Maharashtra at 1/08/2011 11:01:00 AM

Friday, January 7, 2011

खुशियों हमेशा बूँदों की तरह बरसती हैंन



खुशियों हमेशा बूँदों की तरह बरसती हैं, नदियों की तरह नहीं आतीं। बूँदें बारिश में ही बरसती हैं, हर समय नहीं आतीं। ओस तो हर दिन आती है। पर आसमान से आती हुई ओस दिखाई नहीं देती, कुछ क्षणों के लिए ही सही ओस होती है। ऐसे ही खुशियों भी दिखाई नहीं देतीं, लेकिन होती हैं और ओस के बूँदों की तरह होती हैं ।

परम पूज्य सु्धांशुजी महाराज


Happiness comes into our life like raindrops, not like rivers. Raindrops only come periodically, not all the time. Dew comes every day but one can not see it coming from the sky. Dew stays for a few seconds. Similarly, happiness can not be seen but it does exist and it is like those drops of dew.

Translated by Humble Devotee

Praveen Verma



बृद्धों को चाहिए कि ज्यादा बोलने से बचें


[http://ammritvanni.blogspot.com/2011/01/blog-post.html?spref=bl]
AMRIT VANI Good thoughts by Param Pujay SUDHANSHUJI Maharaj: ज्यादा बोलने से बचें: "बृद्धों को चाहिए कि ज्यादा बोलने से बचें , जितना अधिक आप बोलते हें उतना ही आपकी शक्ति का ह्वास होता हे ! बहुत बोलने से जितना बचोगे उतनी ही..."

--
Posted By Madan Gopal Garga to GURUVANNI Good Thoughts by Pujay SUDHANSHUJI Maharaj at 1/07/2011 05:39:00 AM

Thursday, January 6, 2011

जीवन में पुरुषार्थ को महत्व दें या प्रारब्ध को

जीवन में पुरुषार्थ को महत्व दें या प्रारब्ध को



जिज्ञासु : गुरुदेव ! जीवन में पुरुषार्थ को महत्व दें या प्रारब्ध को ,अथवा इन दौनो से बढ़कर भी कुछ और हे ?

गरिमा कुमारी ,, गुडगाव (हरियाणा )

पूज्य गुरुदेव :-मनुष्य को यह समझ लेना चाहिए कि पुरुषार्थ और प्रारब्ध से ऊपर एक और चीज हे जिसका नाम प्रार्थना हे ! भाग्य जो दे उसमें सन्तुष्ट रहना ! पुरुषार्थ तो आपको करना हे ! उसमें कभी सन्तोष नहीं करना ! पुरुषार्थ अधिक नहीं किया जा सकता , लेकिन प्रार्थना तो जितनी हो जाये उतनी कम हे ! भजन जितना भी किया जा सके उतना अच्छा ,लेकिन भजन में बाधक हे अविश्वास ,अनिश्चय और कुतर्की परम्पर! इसमें गहरी श्रद्धा ही शक्ति हे ! कुतर्क करना,आलोचना को स्थान देना ,निन्दा में मन को लगाना-ये शक्तियां एसी हें ,जो आपकी प्रार्थना को आपकी भक्ति के रस को छन ले जाती हें ! उनसे बचें और प्रार्थना को महत्व दें ! प्रार्थना से जब परमात्मा की कृपा होने लगती हे तो व्यक्ति वह प्राप्त करता हे जो भाग्य और पुरुषार्थ दौनों से ऊपर हे !


--
Posted By Madan Gopal Garga to jigyasa aur samadhan at 1/06/2011 10:47:00 AM

जीवन में पुरुषार्थ को महत्व दें या प्रारब्ध को


Subject: [GURUVANNI Good Thoughts by Pujay SUDHANSHUJI Maharaj] jigyasa aur samadhan: ...

[http://jiggyaasa.blogspot.com/2011/01/blog-post_06.html?spref=bl]
jigyasa aur samadhan: जीवन में पुरुषार्थ को महत्व दें या प्रारब्ध को: "जिज्ञासु : गुरुदेव ! जीवन में पुरुषार्थ को महत्व दें या प्रारब्ध को ,अथवा इन दौनो से बढ़कर भी कुछ और हे ? गरिमा कुमारी ,, गुडगाव (हरिया..."

गुरुवर सुधांशुजी महाराज के प्रवचनांश

--
Posted By Madan Gopal Garga to GURUVANNI Good Thoughts by Pujay SUDHANSHUJI Maharaj at 1/06/2011 10:54:00 AM

..guruvar ki shubh kamanay


----- Original Message -----
Sent: Thursday, January 06, 2011 5:58 AM
Subject: [ANANDDHAM.ORG established by Param Pujay SUDHANSHUJI Maharaj] guruvar kaa 20...

प्रिय आत्मन
हम सब परमपिता की असीम अनुकम्पा से नूतन वर्ष मैं प्रवेश कर रहे हे !इस शुभ अवसर पर मैं आप सबको बहुत - बहुत शुभकामनाएं ,आशीर्वाद देता हूँ !नववर्ष २०११ आप सबके लिए मंगलमय हों ,सबकी झोलियाँ प्रेम ,सुख तथा शान्ति से परिपूर्ण हों ,सब के घर -आँगन खुशियों से महकते रहें ,सबके जीवन मैं सदज्ञान का नवप्रभात होवे !
जीवन संचेतना जनवरी २०११

--
Posted By Madan Gopal Garga to ANANDDHAM.ORG established by Param Pujay SUDHANSHUJI Maharaj at 1/06/2011 05:58:00 AM

--
Posted By Madan Gopal Garga to ANAND DHAMM Established by Param Pujay SUDHANSHUJI Maharaj at 1/06/2011 06:10:00 AM

Monday, January 3, 2011

परमात्मा की कृपा सहज ही कैसे होती हैं

jigyasa aur samadhan: परमात्मा की कृपा सहज ही कैसे होती हैं: "जिज्ञासु : गुरुदेव ! परमात्मा की कृपा सहज ही कैसे होती हैं !उसके लिए स्वयं को किस रूप में प्रस्तुत करें ! प्रसेन ,दिल्ली पूज्य गुरुदेव :- अ..."

गुरुवर सुधांशुजी महाराज के प्रवचनांश

Saturday, January 1, 2011

: भक्ति करने के लिये कहां से प्रारम्भ करें ?

jigyasa aur samadhan: भक्ति करने के लिये कहां से प्रारम्भ करें ?: "जिज्ञासू :- गुरुदेव ! आध्यात्मिक नगरी में प्रवेश पाने ,भक्ति करने के लिये कहां से प्रारम्भ करें ? गुरुदेव :- बडी विचित्र बात हे कि जो चीज ..."

गुरुवर सुधांशुजी महाराज के प्रवचनांश

Labels

express electronics

Deal of the Week

kmart add

kmart ad